लापरवाह कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ राज्य सरकार ने कसा शिकंजा
आधा दर्जन कर्मचारियों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज करने की सिफारिश और आधा दर्जन सस्पेंड

सत्य खबर हरियाणा
Haryana government in action mode : नए साल में हरियाणा सरकार पूरी तरह से नए रंग में नजर आ रही है। सरकार ने इस साल लापरवाह कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। हाल ही में ग्रीवेंस कमेटी की बैठकों के माध्यम से ज्यादा कर्मचारियों को सस्पेंड किया गया है जबकि आधा दर्जन कर्मचारियों के खिलाफ आपराधिक केस दर्ज करने की सिफारिश की गई है। इस दौरान दो डॉक्टरों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं। हरियाणा रोडवेज में हरियाणा कौशल रोजगार निगम के अंतर्गत लगे कर्मचारियों को बर्खास्त कर घर का रास्ता दिखा दिया गया है। राज्य सरकार द्वारा लगातार की जा रही इस प्रकार के कार्रवाई से कर्मचारियों और अधिकारियों में एक बड़ा संदेश गया है कि अगर उन्होंने किसी प्रकार के लापरवाही की तो सरकार उन्हें किसी प्रकार की राहत देने वाली नहीं है।
अनिल विज ने दिए कार्रवाई के आदेश
हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने आज सिरसा में जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक के दौरान एक फरियादी ने कालूवाना में अवैध रूप से 51 पेड़ काटने की शिकायत रखी, जिस पर मंत्री ने तत्काल सख्त रुख अपनाया। अनिल विज ने शिकायत की गंभीरता को देखते हुए पब्लिक हेल्थ विभाग के एक्सईएन (कार्यकारी अभियंता) और वन विभाग के डीएफओ को तुरंत निलंबित करने के निर्देश दिए। साथ ही, पेड़ काटने में शामिल लोगों के खिलाफ अपराधिक मामला दर्ज करने के सख्त आदेश जारी किए। विज ने बैठक में स्पष्ट कहा कि पर्यावरण और जनता के हितों से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अफसरों को चेतावनी दी कि ऐसी लापरवाही पर कोई भी बख्शा नहीं जाएगा। यह कार्रवाई अवैध पेड़ कटाई के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति को दर्शाती है। बैठक में अन्य शिकायतों पर भी सुनवाई की गई और कई मामलों का मौके पर निपटारा किया गया।
जूती पहने पर पुलिस कर्मचारी सस्पेंड
हरियाणा के झज्जर जिले में ड्रेस कोड के उल्लंघन को लेकर बड़ी कार्रवाई हुई है। आज, 30 जनवरी 2026 को, ADGP डॉ. एच.एस. दून ने निरीक्षण के दौरान एक पुलिस कर्मचारी को जूती पहनकर ड्यूटी करते हुए पाया, जिस पर कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए उसे तुरंत सस्पेंड कर दिया। पुलिस कर्मचारी ड्यूटी के दौरान निर्धारित वर्दी (यूनिफॉर्म) के बजाय पैरों में ‘जूती’ पहने हुए था, जो कि पुलिस ड्रेस कोड का सीधा उल्लंघन है। ड्रेसिंग और अनुशासन में लापरवाही को लेकर ADGP ने संबंधित एसीपी (ACP) को भी जमकर फटकार लगाई और भविष्य में ऐसी लापरवाही न बरतने की चेतावनी दी। ADGP ने साफ किया कि पुलिस बल में अनुशासन सर्वोपरि है और नियमों को तोड़ने वाले किसी भी कर्मचारी या अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा। यह कार्रवाई झज्जर पुलिस कमिश्नरेट में अनुशासन को सख्त करने के अभियान का हिस्सा मानी जा रही है। हाल ही में झज्जर में सुरक्षा व्यवस्था और प्रोटोकॉल को लेकर उच्चाधिकारियों द्वारा लगातार निरीक्षण किए जा रहे हैं।
HKRNL कंडक्टर बर्खास्त
हरियाणा कौशल रोजगार निगम लिमिटेड (HKRNL) ने सिरसा रोडवेज में तैनात एक कंडक्टर को गंभीर अनुशासनहीनता के आरोपों के चलते बर्खास्त कर दिया है। कंडक्टर पर आरोप था कि वह चलती बस में ड्यूटी के दौरान इंस्टाग्राम पर वीडियो बनाकर अपलोड करता था, जिससे यात्रियों की सुरक्षा और प्राइवेसी खतरे में पड़ सकती थी। इसके साथ ही उस पर बस में सवार यात्रियों से अभद्र व्यवहार करने के भी कई आरोप सामने आए थे। रोडवेज सिरसा डिपो के महाप्रबंधक अनित कुमार यादव ने बताया कि रोडवेज विभाग के अनुसार कंडक्टर की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। यात्रियों ने आरोप लगाया कि कंडक्टर टिकट जांच और ड्यूटी के समय मोबाइल फोन में व्यस्त रहता था और कई बार आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग भी करता था। सोशल मीडिया पर वायरल हुए कुछ वीडियो में वह वर्दी में ही अनुशासनहीन हरकतें करता दिखाई दिया, जिससे विभाग की छवि को भी नुकसान पहुंचा। इसके साथ ही आरोपी कंडक्टर कई दफा बस भी चलाता हुआ पाया गया था जिसकी वीडियो कंडक्टर द्वारा ही इंस्टाग्राम पर अपलोड की गई थी जबकि नियम अनुसार कंडक्टर आपातकालीन स्थिति के अलावा बस नहीं चला सकता। बताया जा रहा है कि आरोपी कंडक्टर द्वारा एक किन्नर, पुलिसकर्मी और एक अन्य सरकारी कर्मचारी के साथ भी अभद्र व्यवहार किया गया था जिसकी शिकायत रोडवेज विभाग को दी गई।
एक फूड इंस्पेक्टर सस्पेंड 3 के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के आदेश
हरियाणा के कुरुक्षेत्र में मंत्री राजेश नागर ने खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर रविंद्र कुमार को सस्पेंड कर दिया है। साथ ही बारदाने की रिकवरी के भी आदेश दिए हैं। दरअसल, गुरुवार को मंत्री नागर ने लोगों की शिकायतें सुनी और एक शिकायतकर्ता ने इंस्पेक्टर के खिलाफ बारदाना बेचने की शिकायत की। मंत्री ने एक्शन लिया और तुरंत डिस्ट्रिक्ट फूड एंड सप्लाई कंट्रोलर को कार्रवाई के आदेश दिए। मंत्री राजेश नागर ने कहा कि “डीएफएससी के पत्र का इंस्पेक्टर जवाब न दें और उसे बार-बार पत्र लिखना पड़े, यह तो गलत बात है। ऐसा करने वाले इंस्पेक्टर रविंद्र को सस्पेंड किया जाए।” मंत्री राजेश नागर ने डीएफएससी को निर्देश दिए कि “वे इंस्पेक्टर रविंद्र, इंस्पेक्टर नवीन व अशोक के मामले में विभाग की कानूनी राय लेकर तीनों के खिलाफ पुलिस में शिकायत देकर केस दर्ज कराए।” महावीर कॉलोनी लाडवा निवासी सोनू नारंग ने शिकायत में इंस्पेक्टर रविंद्र पर कई आरोप लगाए।
पांच डॉक्टरों के खिलाफ मामला दर्ज
हरियाणा के यमुनानगर जिले से डॉक्टर की लापरवाही का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि सिजेरियन ऑपरेशन के दौरान डॉक्टर ने महिला के गर्भ में सर्जिकल स्पंज छोड़ दिया था। इसके बाद करीब आठ महीने तक झूठी अल्ट्रासाउंड व सीटी स्कैन रिपोर्ट बनाकर सच्चाई छुपाने की कोशिश की। इस आरोप पर यमुनानगर पुलिस ने पांच डॉक्टरों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। ये कार्रवाई कैबिनेट मंत्री कृष्ण कुमार बेदी के सख्त आदेशों के बाद की गई है। पीड़िता के पति ओसामा ने कहा “मेरी पत्नी बिल्कुल ठीक थी, लेकिन डॉक्टरों की लापरवाही ने उसकी जिंदगी बर्बाद कर दी। आठ महीने तक हमें गुमराह किया गया। अब केस दर्ज हुआ है, हमें उम्मीद है कि हमें इंसाफ मिलेगा और दोषियों को सजा होगी।”
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